#FreedomtoRead 2019 Translation Partner: SNS Foundation on How they Created a Digital Library of Marwari Books Against All Odds

Posted by Amna Singh on February 20, 2019

The SNS Foundation leads community-focused initiatives with the objective of building a socially-equitable and environmentally-sustainable society. Through the appointment of over 100 additional teachers in 80+ partner government schools, learnings gaps among academically weak students are being bridged. Their programmes have impacted over 5,000 children. The Foundation is working towards building a hyperlocal library of 100 Marwari books with efforts of educators from the Marwari community. Marwari is a developing language spoken in Rajasthan (the largest state in India). With 20 million or so speakers (ce. 2001), it is one of the largest varieties of Rajasthani. However, Marwari currently has no official status as a language of education and government and therefore, lacks resources in the language. Vijay Tanwar, Manager JAWAI Operations, SNS Foundation tells us in his own words how he and his team are working towards creating a library of Marwari books against all odds. 

एस एन एस फाउंडेशन ने StoryWeaver Freedom to Read! के अभियान पर आवेदन किया था! हमें यह जानकर बेहद खुशी हुई कि इस अभियान के लिए एस एन एस फाउंडेशन को चुना गया है तथा हमारे शिक्षकों को 21 फरवरी, 2019 अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर मारवाड़ी भाषा में बच्चों के लिए गुणवत्ता कहानियों की एक डिजिटल लाइब्रेरी का हिस्सा बनने के लिए एक अवसर मिला।

मारवाड़ी एक राजस्थानी भाषा है जो भारतीय राज्य राजस्थान में बोली जाती है। जब मैंने राजस्थान में अपने सहयोगी कर्मचारियों के साथ इस अवसर को साझा किया था तो वे सभी खुश हुए और हिंदी भाषा से मारवाड़ी भाषा में कहानियों का अनुवाद करने के लिए उत्सुकता से आगे आने के लिए तैयार हुए । इन कर्मचारियों को मूल रूप से प्रथम से मध्यम वर्ग के बीच के काल में रेमेडियल छात्रों की नींव रखने के लिए शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।

मारवाड़ी कहानियां ” शब्द सुनकर ख़ास तौर से मुझे काफी अच्छा लगा और जब मैंने टीचर्स से पुछा की क्या कभी आपने मारवाड़ी कहानियों पढ़ी हैं तो सभी का उत्तर एक ही था "नहीं "। अब यह जान कर खुशी दुगनी हो गई की अब जिन १३ सरकारी स्कूलों में एस एन एस फॉउंडेशन काम कर रही है उन स्कूलों के बच्चों को इन मारवाड़ी कहानियों को पढ़ाने का मौका मिलेगा । इन कहानियों को पढ़कर बच्चों का मनोरंजन तो होगा ही पर इसके साथ साथ उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।

टीचर्स को हिंदी कहानियों को मारवाड़ी (भाषा) कहानियों में अनुवाद करने में जयादा वक़्त नहीं लगा। कुल ९ टीचर्स व एक फील्ड कोऑर्डिनेटर को १० / १० हिंदी की कहानियों को मारवाड़ी (भाषा) में अनुवाद करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी और अनुवाद टीम ने इस ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभाया और दिए हुए वक़्त से पहले काम पूरा किया । अब असली चुनौती से टीम को मुक़ाबला करना था जब उनको यह बताया गया की १०० मारवाड़ी कहानिओं का अनुवाद जो आप सभी ने किया है उसकी सॉफ्ट कॉपी जमा होनी है । यह सुनकर सभी टीचर्स हाँके बांके रह गये क्योंकि जहाँ फाउंडेशन काम कर रही है वो छेत्र एक दम शहर से दूर का छेत्र है। इंटरनेट की सुविधा बहुत कम है, कंप्यूटर पर काम करने वाले लोग बहुत कम है कुल मिलकर सुविधा ठीक नहीं है।

अब जा कर यह अहसास हुआ की जो काम बहुत कम समय में हुआ था यानी कहानियों का अनुवाद अब इस से १० गुणा समय लगने वाला हैं क्योंकि परिस्थिति अनुकूल नहीं है।  जैसे तैसे काम को अंजाम देने के लिए फिर से टीम जुट गई, अब समय का पता ही नहीं चल रहा था कि कैसे समय भागा जा रहा है और प्रकाशन की तारिक़ नज़दीक आ रही है । फिर बढ़ी मुश्किल से लोगों से सम्पर्क साधा, लोगों को मनाया तब जा कर कुछ कुछ कहानियों को सॉफ्ट कॉपी में करने का लोगों ने आश्वासन दिया। परिस्थिति कुछ सुधरी ही थी के एक और ज़ोर का झटका धीरे से लगा। डी टी पी ऑपरेटर ने टाइपिंग करने से मना कर दिया क्योंकि उसकी दुकान डिस्टर्ब हो रही थी और बिजली का लगातार कई घंटो तक न आना काम को पूरा करने में बहुत बड़ी रुकावट बनता जा रहा था ।बहरहाल टीम का मनोबल टूटने नहीं दिया और टीम काम करती गयी और कहानियों की सॉफ्ट कॉपी बनती गयी और एक नया अनुभव का असहसास मुझको और टीम को हुआ ।

Powerhouse translators of SNS Foundation

अब मारवाड़ी काहियाँ प्रकाशित होंगी और पुरे राजस्थान राज्य के बच्चे इन कहानियों का लुपत उठाएंगे। टीचर्स इन कहिनोयों के प्रिंटआउट निकल कर बच्चो के साथ मिलकर कहनियाँ  पढेंगे । इन कहानियों को लगभग १५०० सरकारी  स्कुल के स्टूडेंट्स पढेंगे और हम सब का प्रयास सफल होगा।

SOIL Team publishes the Marwari stories on StoryWeaver

अंत में मैं सभी टीचर्स का धन्यवाद करता हूँ की उन्होंने अपना कीमती वक़्त निकला और इस मिशन को सफल  बनाने में सहयोग दिया। सॉइल टीम के स्टूडेंट्स राहुल वर्मा, रूपम दत्ता, अवनीश कुमार , निवेधा प्रियदर्शिनी व थमरईसेल्वी मोहनराज जिन्होंने मारवाड़ी कहानियों को प्राकशित करने में  में एस एन एस फाउंडेशन को सहयोग दिया।

मैं एस एन एस फाउंडेशन की हेड ऑपरेशन्स दमयंती भौमिक जी का भी तेह दिल से धन्यवाद करता हु की उन्होंने मुझे इस टीम का हिस्सा बनने का  मौका दिया. अनुवादक टीम के नाम: दुरपाल सिंह, हीर सिंह,  दिनेश कुमार, भूपेंद्र सिंह राणावत, गोविन्द  कुमार, सजल कँवर , सुरेश गर्ग, प्रदीप सिंह, विपुल सिंह, सोनिका गेहलोत  और मादाराम .

 

You can read the Marwari stories translated by SNS Foundation here



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